क्यों मनाते हैं अक्षय तृतीया और इसका महत्व ? शुभ विवाह के लिए 15 वर्षों बाद बन रहा ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ !!

15 वर्षों बाद बन रहा ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’, विवाह के लिए ये 24 घंटे होंगे सबसे शुभ…. 

विवाह के लिए सबसे शुभ मुहुर्त मानी जानी वाली तिथि वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है। ऐसी मान्यता है कि इस पावन घड़ी में सात फेरे लेने वाले जोड़ों का वैवाहिक जीवन सुख समृद्धि से परिपूर्ण हो जाता है।

यह अक्षय तृतीया इसलिए भी विशेष है, क्योंकि 15 वर्षों के बाद अक्षय तृतीया पर 24 घंटे का सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है। इस दिन मांगलिक कार्य का विशेष लाभ मिलेगा। इस दिन विवाह के लिए शहर में अभी से तैयारियां शुरु हो गई हैं। विशेष मुहूर्त के कारण शहर के अधिकतर मैरिज पैजेस व अन्य भवन पहले से ही बुक हाे चुके हैं।

शहर के मार्केट में भी इन दिनों विवाह संबंधी सामग्रियों की खूब खरीदी हो रही है। विवाह की तिथियां करीब होने के कारण बाजार में भी इसे लेकर विशेष तैयारियां और व्यवस्था की गई है।

सूर्य प्रधान उच्च गोचर में त्रियोग:-

पंडितों के अनुसार इस अक्षय तृतीया विशेष महायोग है। इसे त्रियोग यानी सौभाग्य, सिद्धि औश्र सर्वार्थ सिद्धि का योग कहते हैं। बुधवार का दिन पड़ने से त्रितिका नक्षत्र सूर्य प्रधान गोचर दीर्घायु देने वाला है। यह स्वास्थ्य वर्धक है और संपूर्ण फलदायी है। विवाह के लिए यह सर्वोत्म तिथि है।

फेरे के लिए रात्रि का समय शुभ:-

पहला मुहूर्त सुबह 7.15 से 9.14 तक, दूसरा मुहूर्त सुबह 11.36 से 12.24 तक अौर तीसरा मुहूर्त दोपहर 1.37 से 3.47 तक रहेगा। विष्णु भगवान की पूजा व जाप मंगलकारी होगा।

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अक्षय तृतीया पर दो स्थायी लग्न सिंह और वृश्चिक मिल रहे हैं। इस दौरान सोना, वाहन, मकान आदि खरीदने और पूजा कर्म का विशेष लाभ मिलेगा। इस दिन मुंडन आदि संस्कारों का भी विशेष लाभ मिलेगा, लेकिन विवाह के फेरे लेने के लिए रात 2:02 से 4 बजे तक का समय ज्यादा बेहतर है।

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