देसी, अंग्रेजी शराब को टक्कर दे रही है ये आयुर्वेदिक शराब! होने लगा इसका बोल बाला! जानिए इसके बारे में!!

गुजरात के एक शिक्षक ने आयुर्वेदिक शराब बनाकर सबको चौंकाया:- होने लगा आयुर्वेदिक शराब का बोलबाला 

राज्य में शराबबंदी के माहौल में भी सस्ती और अच्छी शराब हर जगह उपलब्ध होने के साथ ही इसके विपरीत असर से बचने और शराब पीने का शौक बरकरार रखने के लिए पालीताणा के एक शिक्षक ने आयुर्वेदिक शराब बनाकर सबको चौंका दिया है। इस शिक्षक ने भूवड़ देशी दारू के नाम पर इस आयुर्वेदिक शराब की बिक्री का अभियान शुरू किया है। दो अक्टूबर से शुरू इस अभियान के तहत अभी तक 200 लोगों ने इसे खरीदा है।
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शराब अरबी भाषा का शब्द है। इसका अर्थ है शरारती पानी, आब का अर्थ होता है पानी। शरीर से बना है शरारती। इन दोनों शब्दों का हिन्दी में अर्थ है शरारत पैदा करने वाला पानी। इसकी शरारत जहां झगड़ों की जड़ है, वहीं स्वास्थ्य को भी काफी नुकसान होता है। अभी जहरीली शराब से यहां सूरत में मरनेवालों की संख्या बीस से भी अधिक हो गई थी। इस सबसे निजात पाने के लिए पालीताणा के शिक्षक नाथूभाई चावड़ा ने संतरा, तुलसी, गौमूत्र अर्क और चीकू नामक मीठे फल का उपयोग कर देशी आयुर्वेदिक शराब बनाई है। उनका मानना है कि असली शराब को छोड़ने के लिए यह असरदार इलाज है।

आगे पेज पर पढ़ें इसकी खासियत…..

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