नवरात्रि से पहले घर में करें ये शुभ काम, आपकी हर मनोकामना पूरी करेंगी माँ दुर्गा!!

हिन्दू धर्म एवं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता का क्षेत्र दक्षिण दिशा है..  

इसलिए यह बेहद जरूरी है कि माता की पूजा करते समय हमारा मुख दक्षिण या पूर्व दिशा में ही रहे। पूर्व दिशा की ओर मुख करके मां का ध्यान पूजन करने से हमारी चेतना जागृत होती है जब‌क‌ि दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पूजन करने से मानसिक शांति मिलती है और हमारा सीधा जुड़ाव माता से होता है।

माता के कमरे में हल्के पीला, हरा या फिर गुलाबी रंग होना वास्तु के अनुसार शुभ फलदायी होता है क्योंक‌ि इससे पूजा कक्ष में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कई बार पूजा करते समय अचानक ही ध्यान भटकने लगता है। इस समस्या से बचने के ल‌िए घर के उत्तर-पूर्व द‌िशा में प्लास्टिक या लकड़ी से बने पिरामिड रख सकते हैं। पिरामिड रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि पिरामिड नीचे से खोखला हो।

वास्तुशास्त्र के प्राचीन ग्रंथों में मंदिरों और घरों में किसी भी शुभ काम को करने से पूर्व हल्दी से या फिर सिंदूर से स्वातिस्क का प्रतीक चिन्ह बनाए जाने का न‌ियम है। इसल‌िए पूजन शुरु करने से पहले स्वास्त‌िक जरूर बनाएं।

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