अभी-अभी:- खुदाई के दौरान मिले महाभारत काल के रथ, मुकुट, तलवार!!

बागपत:- बागपत का इतिहास महाभारत काल से है..

फिलहाल, अब सिनौली साइट से पुरातत्वविदों ने काम समेट लिया है। यहां से प्राप्त दुर्लभ पुरावशेषों को दिल्ली लालकिला में पहुंचाया जा रहा है। वहां पर इनको रासायनिक विधियों से साफ-सफाई कर अंतर्राष्ट्रीय विद्धानों के सामने प्रस्तुतत करने लायक बनाया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने बताया कि महाभारत महाकाव्य में जनपद बागपत के बरनावा और बागपत नगर व यमुना नदी के दूसरी ओर हरियाणा के सोनीपत, पानीपत नगर को पांडवों द्वारा श्रीकृष्ण भगवान के माध्यम से कौरवों से संधि के दौरान मांगा गया था। भौगोलिक रूप से भी यह सिद्ध है कि यह इलाका कुरू जनपद का प्राचीन काल से एक केंद्र रहा है, जिसकी प्राचीन राजधानी हस्तिनापुर और इंद्रप्रस्थ (दिल्ली) रही है।

4000 साल पहले भी यहां थी सभ्यता

2005 के सिनौली उत्खनन की रासायनिक विधियों से प्राप्त कार्बन डेटिंग भी यहां की सभ्यता को 4000 से 5000 वर्ष का सिद्ध करती है। सिनौली से 2005 में प्राप्त मानव शव जो सैंकड़ों की संख्या में हैं, महाभारत सभ्यता के निवासियों के रहे हो, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। दूसरा दृष्टिकोण यह भी है कि वर्तमान में पुराने स्थल के करीब 5 किलोमीटर पहले स्थित खेत पर जो ट्रायल ट्रेंच लगाया गया, वहां से भारत के प्राचीनतम शवाधान केंद्रों की एक दुर्लभतम प्रक्रिया ताबूत में मानव शव को दफनाया जाना, प्राप्त हुआ है। उस ताबूत को भी अत्यधिक दुर्लभ मानी जाने वाली ताम्र धातु से सुसज्जित किया गया है।

युद्ध की पुष्टि होती है

ताबूत के अंदर दफन योद्धा के शस्त्र-अस्त्र, आभूषण, दैनिक उपयोग के खाद्य पदार्थ, मृदभांड आदि तो प्राप्त हुए ही हैं। साथ ही उसी योद्धा के प्रयोग में लाए जाने वाले युद्ध रथ भी दफन किए गए हैं। जो पहली बार भारत में प्राप्त हुए हैं। कार्बन डेटिंग से यह भी सिद्ध हो चुका है कि प्राप्त पुरावशेष और कंकाल 4500 वर्ष से अधिक पुराने हैं और यह समय महाभारत काल का समय कहा जाता है। सिनौली में जो भी कंकाल मिले हैं, उनके साथ युद्ध में प्रयोग किए जाने वाले हथियार बरामद हुए हैं जो यह बात सिद्ध करते हैं कि ये आम व्यक्ति नहीं बल्कि योद्धा थे। इस बात से भी पूरी तरह इंकार नहीं किया जा सकता कि महाभारत युद्ध में मरने वाले योद्धाओं के शव यहां पर नहीं दफनाए गए थे, क्योंकि यह पूरा क्षेत्र महाभारत काल से जुड़ा हुआ है।

Source: Zee News Hindi

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