सावन के महीने में महादेव शिव को प्रसन्न करने के लिए करें ये 8 उपाए!! अपार कृपा होगी भगवान शिव की!!

1. दूध का सेवन ना करे:- Do not Drink Milk

आप सोच रहे होंगे कि भला दूध से क्या नुकसान हो सकता है। आयुर्वेदिक नियमों के अनुसार सावन के महीने में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए, यही बात बताने के लिए श्रावण के महीने में भगवान शिव पर दूध चढ़ाने की प्रथा आरम्भ हुई थी। श्रावण के महीने में दूध वात बढ़ाने का काम करता है। अगर दूध का सेवन करना हो तो दूध को खूब उबालकर ही प्रयोग में लाये। कच्चे दूध का सेवन ना करे। दूध के सेवन से उत्तम है उसे दही के रूप में परिवर्तित कर सेवन करे।

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वैज्ञानिक कारण: Scientific reasons:

दरअसल, सावन में बारिश के कारण हरियाली ज्यादा होती है। मौसम परिवर्तन के कारण हरियाली में जहरीले कीड़े-मकोड़ों की भी अधिकता होती है। यही कारण है कि गाय या भैंस घास के साथ कई कीड़े-मकोड़ों को भी खा जाते है। इसलिए दूध हानिकारक और विष के समान हो जाता है। इस समय में दूध के सेवन से वात बढ़ता है, जिसके कारण बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सावन में दूध नहीं पीना चाहिए। इसी कारण सावन के महीने में दूध को भगवान शिव पर चढ़ा दिया जाता है क्यूंकि विष पीने की शक्ति केवल महादेव शिव में ही है।

2. सावन में बैंगन खाना है वर्जित :- 

सावन में महीने में साग के बाद बैंगन भी ऐसी सब्जी है जिसे खाना वर्जित माना गया है। इसका धार्मिक कारण यह है कि बैंगन को शास्त्रों में अशुद्घ कहा गया है। यही वजह है कि कार्तिक महीने में भी कार्तिक मास का व्रत रखने वाले व्यक्ति बैंगन नहीं खाते हैं।

वैज्ञानिक कारण यह है कि सावन में बैंगन में कीड़े अधिक लगते हैं। ऐसे में बैंगन का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सावन में बैंगन खाने की मनाही है। 

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