जानिये रुद्राक्ष माला के 108 मोतियों का रहस्य.. और धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्त्व!!!

आखिर क्यों होते है माला में 108 दाने ?

हिन्दू पौराणिक शास्त्रों के अनुसार हम मंत्र जप के लिए जिस माला का उपयोग करते है, उसमें दानों की संख्या 108 होती है। शास्त्रों में 108 संख्या  का अत्यधिक महत्व है। इसके पीछे कई धार्मिक, ज्योतषिक और वैज्ञानिक मान्यताएं हैं, कि माला में 108 ही दाने क्यों होते हैं। आइए हम यहां जानते है ऐसी ही कुछ मान्यताओ के बारे में और जानेंगे आखिर माला का प्रयोग क्यों करना चाहिए मन्त्र जाप के लिए।

1

हिन्दू ग्रंथों के अनुसार रुद्राक्ष से बनी माला मंत्र जप के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है। रुद्राक्ष को महादेव का प्रतीक माना गया है। रुद्राक्ष में सूक्ष्म कीटाणुओं का नाश करने की शक्ति भी होती है और रुद्राक्ष वातावरण में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण करके साधक के शरीर में पहुंचा देता है। रुद्राक्ष से अलग यह माला तुलसी, स्फटिक, मोती या नगों से भी बनी होती है। प्राचीन काल से ही बड़े-बड़े तपस्वी, साधु-संत इस उपाय को अपनाते रहे हैं।

और आगे पढ़ें शास्त्रों के अनुसार माला का महत्व… 

पिछला पेज 1 of 4

SHARE

हिन्दू धर्म, ज्योतिष एवं स्वास्थ्य की लगातार अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें और ट्विटर पेज फॉलो करें!! और बने रहिये ॐनमःशिवाय.कॉम के साथ!!

Loading...
SHARE