जानिए चिकनगुनिया, डेंगू के लक्षण, घरेलू एवं आयुर्वेदिक इलाज और इसे रोकने के उपाय!!

जानें शरीर को कितना प्रभावित करता है चिकनगुनिया वायरस 

जैसे हर व्यक्ति का अपना एक व्यक्तित्व होता है। वैसे ही हर बीमारी के लक्षण, प्रभाव, जटिलताएं, कठिनाइयां आदि होती हैं। हर बीमारी के लक्षण दूसरे से अलग होते हैं। कई बार बीमारी ठीक होने के बाद भी उसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। चिकनगुनिया बुखार भी ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है। चिकनगुनिया का वायरस तो इलाज के बाद कुछ दिनों में खत्‍म हो जाता है, लेकिन इस बीमारी का असर लंबे समय तक शरीर पर रहता है। इस बीमारी के लक्षण और प्रभाव डेंगू से काफी मिलते हैं। आइए जानें कि यह वायरस शरीर पर क्‍या प्रभाव छोड़ जाता है।

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आजकल इस मौसम में चिकनगुनिया बहुत तेजी से फैल रहा है। चिकनगुनिया एडिज मच्छर के काटने से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी के लक्षण मच्छर काटने के तुरंत बाद नजर नहीं आते हैं। मच्छर काटने के दो से तीन दिन बाद इसका संक्रमण शुरू होता है। चिकनुगनिया जानलेवा नहीं है लेकिन अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाए तो ये खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में इसके लक्षण नजर आते ही इलाज शुरू कर दें ताकि इससे जुड़े खतरे को टाला जा सके।

अगले पेज पर पढ़ें इसके लक्षण…

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