क्यों मनाते हैं गणेश चतुर्थी? जानिए मुहूर्त, पूजन विधि और करें ये 8 उपाय मनोकामनाएं होंगी पूरी!!

जानिए गणेश चतुर्थी की पूजा, तिथि और पूजन विधि सहित पूरी जानकारी:- 

भारतीय संस्कृति के सुसंस्कारों में किसी कार्य की सफलता हेतु पहले उसके मंगला चरण या फिर पूज्य देवों के वंदना की परम्परा रही है। चाहे वह किसी कार्य की सफलता के लिए हो या फिर चाहे किसी कामनापूर्ति स्त्री, पुत्र, पौत्र, धन, समृद्धि के लिए या फिर अचानक ही किसी संकट मे पड़े हुए दुखों के निवारण हेतु हो। किसी कार्य को सुचारू रूप से निर्विघ्नपूर्वक सम्पन्न करने हेतु सर्वप्रथम श्रीगणेश जी की वंदना व अर्चना का विधान है। इसीलिए सनातन धर्म में सर्वप्रथम श्रीगणेश की पूजा से ही किसी कार्य की शुरूआत होती है।

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श्री गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को हुआ था। इसीलिए हर साल इस दिन गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जाती है। भगवान गणेश के जन्म दिन के उत्सव को गणेश चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। यह मान्यता है कि भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष के दौरान भगवान गणेश का जन्म हुआ था। ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ था इसीलिए मध्याह्न के समय को गणेश पूजा के लिये ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।

इस वर्ष इस श्रीगणेश चतुर्थी का व्रत 5 सितंबर 2016, दिन शनिवार को मनाया जाएगा इसे श्रीगणेश चतुर्थी, पत्थर चौथ और कलंक चौथ के नाम भी जाना जाता है। चतुर्थी तिथि को श्री गणपति भगवान की उत्पत्ति हुई थी इसलिए इन्हें यह तिथि अधिक प्रिय है। जो विघ्नों का नाश करने वाले और ऋद्धि-सिद्धि के दाता हैं। इसलिए इन्हें सिद्धि विनायक भगवान भी कहा जाता है।

गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त:-

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ = 4/सितम्बर/2016 को 18:54 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त = 5/सितम्बर/2016 को 21:09 बजे

अगले पेज पर पढ़ें पूजन विधि….

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