कैसे आत्मा खुद ढूंढ लेती है आपको जानिए पौराणिक और वैज्ञानिक तथ्य!!

आत्मा का अस्तित्व

आत्मा के अस्तित्व को साबित करने के लिए वैज्ञानिक भी विभिन्न खोज करते रहते हैं। कुछ वैज्ञानिक तो कहते हैं कि आत्मा जैसा कुछ नहीं होता, यह महज़ अंधविश्वास है, लेकिन इसका करीब से विश्लेषण कर चुके वैज्ञानिक इसके होने का दावा भी करते हैं और इसके प्रभाव को समझते भी हैं।

यह इत्तेफ़ाक नहीं

ये वैज्ञानिक कहते हैं कि कोई माने या ना माने, लेकिन आत्मा समय-समय पर अपने अस्तित्व को बयान जरूर कर जाती है। एक या दो बार शायद कोई व्यक्ति आत्मा के होने को महज़ एक ‘इत्तेफ़ाक’ मानकर नजरंदाज कर सकता है, लेकिन ‘वह है’ इस तथ्य को आप दरकिनार नहीं कर सकते।

सूक्ष्म शरीर

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार कुल चार प्रकार के शरीर होते हैं, जिसमें से पहला हमारा जीवित शरीर है जिसे जब आत्मा छोड़ देती है तो वह एक पार्थिव शरीर बन जाता है। इस पार्थिव शरीर को छोड़ने के बाद आत्मा एक छोटी सी रोशनी के आकार का शरीर ले लेती है। जिसे सूक्ष्म शरीर कहा जाता है।

सूक्ष्म-शरीरधारी आत्मा

यह इतना छोटा होता है कि दिखाई नहीं देता, लेकिन यह शरीर हमारे आसपास मौजूद है यह तथ्य सौ फीसदी सही है। मुण्डकोपनिषद् के अनुसार सूक्ष्म-शरीरधारी आत्माओं का एक संघ है। इनका केन्द्र हिमालय की वादियों में उत्तराखंड में स्थित है। इसे देवात्मा हिमालय कहा जाता है।

ख़ास तरंगें

इस स्थान की तरंगें, यहां का वातावरण ही ऐसा बना हुआ है कि यहां सूक्ष्म शरीरधारी आत्माएं वास करती हैं। इन दुर्गम क्षेत्रों में स्थूल-शरीरधारी व्यक्ति यानि कि हमारे जैसे सामान्य शरीर वाले लोग सामान्यतया नहीं पहुंच पाते हैं। यदि ये कोशिश भी करें, तो असफल होते हैं।

श्रेष्ठ कर्मों वाली आत्मा

ऐसा माना जाता है कि अपने श्रेष्ठ कर्मों के अनुसार सूक्ष्म-शरीरधारी आत्माएं यहां प्रवेश कर जाती हैं। जी हां… केवल श्रेष्ठ कर्म करने वाली आत्माएं ही यहां आ सकती हैं। बुरी आत्माओं के लिए यह स्थान अनुकूल नहीं है।

सहायता के लिए आती है

यह भी कहा जाता है कि जब भी पृथ्वी पर संकट आता है, नेक और श्रेष्ठ व्यक्तियों की सहायता करने के लिए यही श्रेष्ठ कर्म करने वाली आत्माएं पृथ्वी पर आती हैं। लेकिन क्या साइंस इस बात को मानता है?

महज संयोग नहीं

दरअसल वैज्ञानिकों ने इस मामले में किए गए शोध के जो परिणाम प्रस्तुत किए हैं, वह हैरान कर देने वाले हैं। आत्माओं पर शोध कर रहे वैज्ञानिक मार्टिन गार्डनर का कहना है कि इस संसार में हर दिन हजारों व्यक्तियों के साथ ऐसी छोटी-बड़ी घटनाएं घटती रहती है जिसे महज संयोग या अपवाद मानकर खारिज कर दिया जाता है।

क्या है असलियत

लेकिन क्या यह सच में कोई संयोग है? या ये आत्माएं ही हैं जो अपने होने का एहसास दिलाती हैं? मार्टिन का कहना है कि हर किसी को तो नहीं, लेकिन ये आत्माएं कुछ लोगों के साथ सम्पर्क जरूर साधती हैं।

क्या है उद्देश्य

वे क्यों आती हैं और किस उद्देश्य से आती हैं, यह कहना बहुत मुश्किल है। उनके आने का उद्देश्य को समझना हम आम मनुष्य के बस में शायद नहीं है, लेकिन वे आती हैं यह तो तय है।

अगले पेज पर पढ़े कैसे है इंसानों से संपर्क करती हैं आत्माएं…

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