लहसुन के गुणकारी प्रभाव और शारीरिक फायदे!

बहुत बड़े-बड़े गुण वाला होता है “लहसुन”

लहसुन प्याज की एक प्रजाति है। इसका वैज्ञानिक नाम एलियम सैटिवुम एल है। इसके करीबी रिश्तेदारो में प्याज, इस शलोट और हरा प्याज़ शामिल हैं। लहसुन पुरातन काल से दोनों, पाक और औषधीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किया जा रहा है। इसकी एक खास गंध होती है, तथा स्वाद तीखा होता है जो पकाने से काफी हद तक बदल कर मृदुल हो जाता है।

इसकी पत्तियां, तना और फूलों का भी उपभोग किया जाता है आमतौर पर जब वो अपरिपक्व और नर्म होते हैं। इसका इस्तेमाल गले तथा पेट सम्बन्धी बीमारियों में होता है। इसमें पाये जाने वाले सल्फर के यौगिक ही इसके तीखे स्वाद और गंध के लिए उत्तरदायी होते हैं। जैसे ऐलिसिन, ऐजोइन इत्यादि। लहसुन में रासायनिक तौर पर गंधक की अधिकता होती है। इसे पीसने पर ऐलिसिन नामक यौगिक प्राप्त होता है जो प्रतिजैविक विशेषताओं से भरा होता है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, एन्ज़ाइम तथा विटामिन बी, सैपोनिन, फ्लैवोनॉइड आदि पदार्थ पाये जाते हैं।

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आयुर्वेद और रसोई दोनों के दृष्टिकोण से लहसुन एक बहुत ही महत्वपूर्ण फसल है लहसुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्त्व पाये जाते है जिसमें प्रोटीन 6.3 प्रतिशत , वसा 0.1 प्रतिशत, कार्बोज 21 प्रतिशत, खनिज पदार्थ 1 प्रतिशत, चूना 0.3 प्रतिशत लोहा 1.3 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम होता है। इसके अतिरिक्त विटामिन ए, बी, सी एवं सल्फ्यूरिक एसिड विशेष मात्रा में पाई जाती है। इसमें पाये जाने वाले सल्फर के यौगिक ही इसके तीखे स्वाद और गंध के लिए उत्तरदायी होते हैं।

इसमें पाए जाने वाले तत्वों में एक ऐलीसिन भी है जिसे एक अच्छे बैक्टीरिया-रोधक, फफूंद-रोधक एवं एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में जाना , जाता है। अगर लहसुन को महीन काटकर बनाया जाये तो उसके खाने से अधिक लाभ मिलता है। यदि रोज नियमित रूप से लहसुन की पाँच कलियाँ खाई जाएँ तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना में कमी आती है। लहसुन, सेलेनियम का भी अच्छा स्त्रोत होता है। गर्भवती महिलाओं को लहसुन का सेवन नियमित तौर पर करना चाहिये।

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लहसुन एक बारहमासी फसल है। जाने लहसुन के गुणकारी प्रभाव:-

1.) अगर आपको जुखाम और ठंड हो गई हो तो लहसुन को पीस लें और हल्की आंच पर गरम करें। इस पेस्ट को खाने से सर्दी जुखाम में आराम मिलता है।

2.) अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर दिन खाना खाने के बाद कुछ कलिया लहसुन की जरुर खाएं। जब भी मीट या वसा वाला भोजन करें तब भी इसको खाएं, यह जरुर असर दिखाएगा।

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3.) अगर आप दिल के रोगी हैं तो आपके लिए लहसुन बहुत ही फायदेमंद होता है। इसमें सल्फाबइड पाया जाता है, लहसुन एलडीएल कोलेस्ट्रॉयल लेवल को कम कर के हार्ट अटैक और ब्लॉैकेज को रोकता है।

4.) लहसुन आपके शरीर में ब्लेड सर्कुलेशन को भी बेहतर करता है। यह त्व‍चा को भी बेहतरीन बनाता है और शरीर से गंदगी को भी बाहर निकालता है।

5.) यह फेफड़ों की जकड़न को ठीक करने में मदद करता है, श्वसन मार्ग में श्लेष्मा (म्यूकस) को ढीला करता है।

6.) लहसुन का रस लेने से शरीर की सारी गंदगी त्वचा के रोम छिद्र के द्रारा बाहर निकल जाती है।

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7.) दमा के रोगियों के लिए रामबाण है। लहसुन क़ी कलीयों को पानी में तबतक उबालें जबतक ये मुलायम न हो जायें,इसके बाद इस उबले पानी में सिरका मिला दें ,तथा थोडी मात्रा में शक्कर मिलकर सीरप बना लें, हो गयी दमा के रोगियों के लिए रामबाण औषधि तैयार।

8.) अगर आप मधुमेह रोगी हैं, एक लहसुन हर रोज खाएं। यह जड़ी बूटी खून में इंसुलिन के स्तर को बढ़ाती है जिससे स्वाोस्य्ले अच्छा होता है।

9.) इसमें पाया जाने वाला एलिसिन संक्रमण से लड़ता है। यह एंटी फंगल होता है जो शरीर को संक्रमण से बचा कर एंटीबॉडी पैदा करता है।

10.) अगर आपके कानों में संक्रमण या दर्द हो रहा है, तो बस 2-3 गरम बूंदे लहसुन के तेल की डाल लें। यह एंटीऑक्सींडेंट, कान के बैक्टीिरिया को मार कर उसमें जितना भी अधिक वैक्स होगा, तेल उसे बाहर निकाल देता है।

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