रहस्य:- जानिए कैसे हुई इस ब्रह्मांड की उत्पत्ति और कौन हैं सृष्टि (ब्रह्माण्ड) के रचयिता?

                          जानिए ब्रह्माण्ड का रहस्य

आपके दिमाक में ये सवाल कभी न कभी जरुर आता होगा की इस संसार की उत्पत्ति कैसे हुई , कैसे बर्ह्माण्ड का निर्माण हुआ तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं की आखिर कैसे इस दुनियां की रचना हुई और किसने रची… पढ़िए ये अद्भुत लेख:-

जिस समय केवल अन्धकार ही अंधकार था; न सूर्य दिखाई देते थे न चन्द्रमा, अन्य ग्रहों और नक्षत्रों का भी पता नहीं था, न दिन होता था न रात। अग्नि, जल, पृथ्वी और वायु की भी सत्ता नहीं थी – उस समय केवल सदा शिव की ही सत्ता विधमान, जो अन्नादि और चिन्मय कही जाती थी उन्ही भगवान सदाशिव को वेद पुराण और उपनिषद तथा संत महात्मा ईश्वर तथा सर्वलोकमहेश्वर कहते हैं।

एक बार भगवान शिव के मन में सृष्टि रचने की इछा हुई। उन्होंने सोचा की में एक से अनेक हो जाऊं। यह विचार आते ही सबसे पहले परमेश्वर शिव ने अपनी परा शक्ति अम्बिका को प्रकट किया तथा उनसे कहा सृष्टि के लिए किसी दूसरे पुरुष का सृजन करना चाहिए , जिसके कंधे पर सृष्टि चलन का भार रखकर हम आनंदपूर्ण विचरण कर सकें।

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ऐसा निस्चय करके शक्ति सहित परमेश्वर शिवा ने आपने वाम अण्ड  के १० वे भाग पर अमृत मल दिया। वंहा से तत्काल एक दिव्य पुरुष प्रकट हुआ। उसका सौन्दर्य अतुलनीय था। उसमे सत्गुर्ण सम्पन की प्रधानता थी। वह परम शांत और सागर की तरह गंभीर था। उसके चार हाथों में शंख, चक्र, गदा और पध सुशोभित हो रहे थे।

उस दिव्य पुरुष ने भगवान शिव को प्रणाम करके कहा ‘भगवन मेरा नाम निश्चित कीजिये और काम बताइये ।’ उसकी बात सुनकर भगवान शिव शंकर ने मुस्कुराते हुए कहा ‘वत्स! वयापक होने के कारन तुम्हारा नाम विष्णु होगा। सृष्टि का पालन करना तुम्हारा काम होगा। इस समय तुम उत्तम तप करो’।

क्या किया विष्णु भगवान ने भगवान शिव का आदेश पाकर आगे देखिये……………

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