जानिए क्यों मनाते हैं रक्षा बंधन का पर्व? इसका धार्मिक एवं पौराणिक महत्व और इतिहास!!!

जानिये रक्षाबंधन के संबंध में विभिन्न धार्मिक और पौराणिक कथा…..

हिन्दू धर्म में पुराणों एवं ग्रंथों के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस वर्ष रक्षा बंधन 7 अगस्त को है। इसे आमतौर पर भाई-बहनों का पर्व मानते हैं लेकिन, अलग-अलग स्थानों एवं लोक परम्परा के अनुसार अलग-अलग रूप में रक्षाबंधन का पर्व मनाते हैं।rakhi-2

पहली कहानी के अनुसार:-

रक्षाबंधन की कथा: रक्षाबंधन कब प्रारम्भ हुआ इसके विषय में कोई निश्चित कथा नहीं है लेकिन जैसा कि भविष्य पुराण में लिखा है देवों और दानवों के युद्ध में जब देवता हारने लगे, तब वे देवराज इंद्र के पास गए। देवताओं को भयभीत देखकर इंद्राणी ने उनके हाथों में रक्षासूत्र बाँध दिया। इससे देवताओं का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने दानवों पर विजय प्राप्त की। तभी से राखी बाँधने की प्रथा शुरू हुई।

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