जानिए!! आखिर कैसे हुई थी मनुष्य की उत्पत्ति…

वितस्ता नदी की शाखा देविका नदी के तट पर मनु और शतरूपा की उत्पत्ति हुई थी…

वर्तमान विश्‍व के प्रथम मानव स्वायंभुव मनु की पत्नी का नाम शतरूपा था। विश्व की प्रथम स्त्री होने के नाते उन्हें जगतजननी भी कहा जाता है। इनका जन्म ब्रह्मा के वामांग से हुआ था। स्वायंभुव मनु एवं शतरूपा के कुल पाँच सन्तानें हुईं थीं जिनमें से दो पुत्र  उत्तानपाद एवं प्रियव्रत तथा तीन कन्याएँ आकूति, देवहूति और प्रसूति थे। रामचरित मानस के बालकांड में मनु-शतरूपा के तप एवं वरदान का उल्लेख मिलता है।


वितस्ता नदी की शाखा देविका नदी के तट पर मनु और शतरूपा की उत्पत्ति हुई थी। यह नदी वर्तमान में कश्मीर में बहती है। शतरूपा के पुत्र उत्तानपाद की सुनीति और सुरुचि नामक दो पत्नियां थीं। राजा उत्तानपाद के सुनीति से ध्रुव तथा सुरुचि से उत्तम नामक पुत्र उत्पन्न हुए। ध्रुव ने बहुत प्रसिद्धि हासिल की थी। स्वायंभुव मनु के दूसरे पुत्र प्रियव्रत ने विश्वकर्मा की पुत्री बहिर्ष्मती से विवाह किया था जिनसे आग्नीध्र, यज्ञबाहु, मेधातिथि आदि 10 पुत्र उत्पन्न हुए। प्रियव्रत की दूसरी पत्नी से उत्तम, तामस और रैवत- ये 3 पुत्र उत्पन्न हुए, जो अपने नाम वाले मन्वंतरों के अधिपति हुए। महाराज प्रियव्रत के 10 पुत्रों में से कवि, महावीर तथा सवन ये 3 नैष्ठिक ब्रह्मचारी थे और उन्होंने संन्यास धर्म ग्रहण किया था।

अगले पेज पर जानिए!! मनु और शतरूपा की पुत्रियां के बारे में ….

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