जानिये त्रिफला और हरे धनिये के शारीरिक फायदे!!

त्रिफला में है सभी दुखों का इलाज

त्रिफला एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक रासायनिक फ़ार्मुला है जिसमें अमलकी (आंवला ), बिभीतक (बहेडा)  और हरितकी (हरड़ ) को बीज निकाल कर समान मात्रा में लिया जाता है। त्रिफला शब्द का शाब्दिक अर्थ है “तीन फल”। संयमित आहार-विहार के साथ त्रिफला का सेवन करने वाले व्यक्तियों को ह्रदयरोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, नेत्ररोग, पेट के विकार, मोटापा आदि होने की संभावना नहीं होती। यह कोई 20 प्रकार के प्रमेह, विविध कुष्ठरोग, विषमज्वर व सूजन को नष्ट करता है। अस्थि, केश, दाँत व पाचन- संसथान को बलवान बनाता है। इसका नियमित सेवन शरीर को निरामय, सक्षम व फुर्तीला बनाता है।

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त्रिफला के स्वास्थ्य संबंधी लाभ:-

त्रिफला पाचन और भूख को बढ़ाने, लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करने और शरीर में वसा की अवांछनीय मात्रा को हटाने में सहायता के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुंह में घुलने पर त्रि‍फला का उपयोग रक्त के जमाव और सिर दर्द को दूर करने के लिए किया जाता है। इसके अन्य फ़ायदों में रक्त शर्करा के स्तरों को बनाए रखने में मदद करना और त्वचा के रंग और टोन में सुधार लाना शामिल हैं

औषधि के रूप में त्रिफला:-

• .रात को सोते वक्त 5 ग्राम (एक चम्मच भर) त्रिफला चुर्ण हल्के गर्म दूध अथवा गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होती है।

• .त्रिफला व ईसबगोल की भूसी दो चम्मच मिलाकर शाम को गुनगुने पानी से लें इससे कब्ज दूर होती है।

• इसके सेवन से नेत्रज्योति में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है।

• सुबह पानी में 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण साफ़ मिट्टी के बर्तन में भिगो कर रख दें, शाम को छानकर पी लें। शाम को उसी त्रिफला चूर्ण में पानी मिलाकर रखें, इसे सुबह पी लें। इस पानी से आँखें भी धो ले। मुँह के छाले व आँखों की जलन कुछ ही समय में ठीक हो जायेंगे।

• शाम को एक गिलास पानी में एक चम्मच त्रिफला भिगो दे सुबह मसल कर नितार कर इस जल से आँखों को धोने से नेत्रों की ज्योति बढती है।

• त्रिफला एंटिसेप्टिक की तरह से भी काम करता है। इस का काढ़ा बनाकर घाव धोने से घाव जल्दी भर जाते है।

• त्रिफला पाचन और भूख को बढ़ाने वाला और लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करने वाला है।

• मोटापा कम करने के लिए त्रिफला के गुनगुने काढ़े में शहद मिलाकर ले। त्रिफला चूर्ण पानी में उबालकर, शहद मिलाकर पीने से चरबी कम होती है।

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त्रि‍फला का सही रूप से नियमित सेवन करने से कुछ समय बाद ही आप अपने आपको एकदम चुस्त, निरोगी महसूस करेगे। साथ ही आप पाएंगे कि आपकी याददाश्त पहले से कहीं अधिक तेज हो गई है और आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गई है। त्रि‍फला से न सिर्फ आप अपने बालों को खूबसूरत बना सकते हैं बल्कि आपकी त्वचा को भी आप निखरता हुआ पाएंगे और आप पहले से कहीं अधिक मजबूत अपने को महसूस करेंगे।

मधुमेह रोग में फायदेमंद है हरा धनिया:

मधुमेह के रोगियों को हरे धनिए का सेवन चटनी आदि रूपो में अवशय करना  चाहिए यह इंसुलिन बढ़ाता  है और रक्त में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है । इसको खाने से नींद भी बहुत अच्छी आती है।
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