जानिये क्या है इस मंदिर का राज!! आखिर क्यूँ बारिश से पहले ही टपकने लगती है इसकी छत ?

कहां है मंदिर ?

ये मंदिर उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद भीतरगांव विकासखंड मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर बेहटा गांव में है।यहां भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना होती है इस मंदिर की छत पर बारिश होने से 15 दिन पहले ही बूंदें टपकने लगती हैं. गांव के लोग इनको ठाकुर बाबाजी के नाम से पुकारते हैं गांव वालों की ये मान्यता है कि उनके भगवान उन्हें बारिश आने से पहले ये एक संकेत देते हैं ताकि उनकी फसलें बर्बाद ना हों

रहस्य आज भी बना हुआ है

इस मंदिर में पुरातत्वविदों ने इस रहस्य का पता लगाने की तमाम कोशिशें की, लेकिन वो कोशिशें मात्र कोशिशें ही रह गईं. इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ के साथ-साथ सूर्य भगवान और पद्मनाभन भगवान की भी मूर्ति स्थापित है इसकी दीवारें 14 फीट मोटी हैं आज ये मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है हालांकि इस रहस्य को जानने के लिए कई बार प्रयास हो चुके हैं पर तमाम कोशिशों के बाद भी मंदिर के निर्माण तथा रहस्य का सही समय पुरातत्व वैज्ञानिक पता नहीं लगा सके। बस इतना ही पता लग पाया कि मंदिर का अंतिम जीर्णोद्धार 11वीं सदी में हुआ था। उसके पहले कब और कितने जीर्णोद्धार हुए या इसका निर्माण किसने कराया आज भी अबूझ पहेली बनी हुई हैं।

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