अनोखी पहल:- श्मशान में चिता को साक्षी मान सात फेरे लेकर संपन्न हुआ विवाह!!

क्या आपने कभी देखी है ऐसी शादी ? फूलों से सजा था मंडप,दुल्हा दुल्हन,लेकिन शादी मंडप में नहीं श्मशान घाट में हुई

श्रीराम कथा वाचक मोरारी बापू के अनुयायी तो दुनियाभर में हैं। लेकिन उनके बताए मार्ग पर चलना और उनकी बातों पर अमल करना बहुत ही कम लोग कर पाते है। लेकिन गुजरात के भावनगर जिले में एक युवक ने बापू के बताए रास्ते पर चलकर श्मशान घाट में सात फेरे लिए। इस दौरान श्मशान में जिस जगह पर चिता जलाई जाती है वहां पर फेरों की पवित्र अग्नि को प्रज्ज्वलित किया गया। मंत्रोच्चार हुआ, शहनाई बजी, समस्त देवी-देवताओं का आह्वान किया गया और पूरे विधि-विधान के साथ विवाह संस्कार संपन्न हुआ।

आपको बता दें कि कथा वाचक मोरारी बापू ने एक बार वाराणसी में प्रवचन के दौरान यह सीख दी थी कि जन्म और मृत्यु का उत्सव श्मशान भूमि में मनाना चाहिए। इससे प्रेरणा ले गुजरात के भावनगर जिले में महुवा में एक पुजारी के बेटे ने श्मशान भूमि से ही मैरिड लाइफ की शुरुआत की।  भावनगर के महुआ के तलगाजरङा गांव में रहने वाले घनश्याम दास और पारुल ने रविवार को श्मशान में फेरे लिए।

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