दुर्गा अष्टमी 2017:- जानिए क्यों मनाई जाती है महाअष्टमी, क्यों इस दिन कन्या पूजन होता है शुभ!!

दुर्गा अष्टमी के दिन दुर्गा स्वरुप माँ महागौरी की पूजा का विधान है। 

इस साल अष्टमी 28 सितम्बर को है। माता अष्टमी की पूजा से सभी सिद्धियां प्राप्त होती है। दुर्गा अष्टमी के दिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए देवी मां को चुनरी भेंट करती हैं। माता के महागौरी की पूजा स्वरुप की पूजा से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं। मान्यता है कि देवी महागौरी ने कठिन तपस्या से भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाया था। माता महागौरी का वाहन बैल है। इनका मुख्य शस्त्र त्रिशूल है। दुर्गा अष्टमी के दिन देवी दुर्गा के हथियारों की पूजा की जाती है और हथियारों के प्रदर्शन के कारण इस दिन को लोकप्रिय रुप से वीराष्टमी के रुप में भी जाना जाता है।

माना जाता है कि महागौरी आदी शक्ति हैं इनके तेज से संपूर्ण सृष्टि प्रकाश-मान है इनकी शक्ति अमोघ फलदायिनी है। महागौरी की चार भुजाएं हैं उनकी दायीं भुजा अभय मुद्रा में हैं और नीचे वाली भुजा में त्रिशूल शोभता है। बायीं भुजा में डमरू डम डम बज रही है और नीचे वाली भुजा से देवी गौरी भक्तों की प्रार्थना सुनकर वरदान देती हैं। आचार्य प्रमोदानंद महाराज के अनुसार अष्टमी पूजन से तमाम दुख दूर होते हैं और सुख की प्राप्ती होती है।

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