नवरात्रि: सातवें दिन करें माँ कालरात्रि की पूजा और जानिए इसका महत्व!! देवी माँ बचाती हैं अकाल मृत्यु से!!

नवरात्र के सातवें दिन की जाती है मां कालरात्रि की पूजा.. 

नवरात्र के सातवें दिन महाशक्ति मां दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने से काल का नाश होता है। इसी वजह से मां के इस रूप को कालरात्रि कहा जाता है। असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए देवी दुर्गा ने अपने तेज से इन्हें उत्पन्न किया था। इनकी पूजा शुभ फलदायी होने के कारण इन्हें ‘शुभंकारी’ भी कहते हैं।

इस दिन साधक को अपना चित्त भानु चक्र (मध्य ललाट) में स्थिर कर साधना करनी चाहिए. संसार में कालों का नाश करने वाली देवी ‘कालरात्री’ ही है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है कहते हैं इनकी पूजा करने से सभी दु:ख, तकलीफ दूर हो जाती है। दुश्मनों का नाश करती है तथा मनोवांछित फल देती हैं।

अगले पेज पर जानिए कैसा है मां कालरात्रि का रूप..

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