देखिये भगवान शंकर की 5 सबसे बड़ी प्रतिमायें!!

देखा जाये तो दुनिया भर में प्रलय आ गयी कहीं भूकंप तो कहीं जल प्रलय सब कुछ तबाह (बर्बाद) हो गया लेकिन महादेव भोलेनाथ शिव शंकर जैसे के तैसे ही अपनी अचल समाधि में डटे रहे, कोई भी प्रकृतिक आपदा उन्हें हिला भी न सकी चाहे वह उत्तराखंड में आई भीषण प्रलय हो या फिर नेपाल में आया तबाही का भयंकर मंजर दिखाने वाला भूकंप हर किसी से बेखबर शिवशंकर जैसे के तैसे ही हैं क्योंकि भारतीय साहित्य और वेदों के अनुसार भू.तत्व विज्ञान के सबसे बड़े ज्ञाता और कोई नहीं बल्कि हमारे शिव-शंकर ही हैं।

365091

दुनिया के सबसे बेहतरीन वैज्ञानिकों में से एक आइंस्टीन से पहले अगर किसी ने इस धरती पर इस बात की घोषणा की थी कि:- “कल्पना” ज्ञान से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हैं। हम जैसी कल्पना करते हैं, हम जैसा विचार करते हैं, हम वैसे ही हो जाते हैं। वह केवल और केवल हमारे कैलाशपति भगवान् भोले नाथ ही हैं भगवान् शिव ने ही सर्वप्रथम ध्यान की खोज की और उसका विकास भी किया हैं, इस बात की जानकारी हिन्दुओं के पवित्र ग्रन्थ श्री रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी की हैं “संकर सहज सरूपु सम्हारा। लागि समाधि अखंड अपारा”

आइये आज हम उन्ही शिवशंभू भगवान् कैलाश पति शिव शंकर की वंदना करते हैं और यह जानते हैं कि पूरी दुनिया भगवान् भोले नाथ की सबसे उंची-ऊँची मूर्तियाँ का स्थापित हैं:-

1.)  कैलाशनाथ महादेव, सांगा, जिला भक्तापुर (नेपाल), ऊंचाई 45 मीटर, लगभग 143 फुट:-

विश्व में शिव की सबसे ऊंची मूर्ति नेपाल के चित्तपोल सांगा जिला भक्तापुर में स्थित है। खड़ी मुद्रा में इस मूर्ति का निर्माण कार्य 2004 में शुरू हुआ था और 2010 में यह मूर्ति बनकर तैयार हुई और 21 जून 2011 को इस मूर्ति का अनावरण किया गया। इस मूर्ति को धनराज जैन परिवार ने लगभग 11 करोड़ की लागत से बनवाया था। श्री मनुराम वर्मा और नरेश कुमार वर्मा मूर्तिकार थे। इस मंदिर की विशालता को देखना बहुत अद्भुत है।

6

पिछला पेज 1 of 5

SHARE

हिन्दू धर्म, ज्योतिष एवं स्वास्थ्य की लगातार अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें और ट्विटर पेज फॉलो करें!! और बने रहिये ॐनमःशिवाय.कॉम के साथ!!

Loading...
SHARE