शारदीय नवरात्रि 2020- जानिए Dates, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि एवं इस नवरात्रि माता को कैसे करें प्रसन्न ?!

Navratri 2020- हिन्दू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है।

नवरात्र भारतवर्ष में हिंदूओं द्वारा मनाया जाने प्रमुख पर्व है। इस दौरान मां के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। वैसे तो एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों में कुल मिलाकर चार बार नवरात्र आते हैं लेकिन चैत्र और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक पड़ने वाले नवरात्र काफी लोकप्रिय हैं। बसंत ऋतु में होने के कारण चैत्र नवरात्र को वासंती नवरात्र तो शरद ऋतु में आने वाले आश्विन मास के नवरात्र को शारदीय नवरात्र भी कहा जाता है। चैत्र और आश्विन नवरात्र में आश्विन नवरात्र को महानवरात्र कहा जाता है। इसका एक कारण यह भी है कि ये नवरात्र दशहरे से ठीक पहले पड़ते हैं दशहरे के दिन ही नवरात्र को खोला जाता है। नवरात्र के नौ दिनों में मां के अलग-अलग रुपों की पूजा को शक्ति की पूजा के रुप में भी देखा जाता है।

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पड़वा को शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस वर्ष यह तिथि 17 अक्टूबर (शनिवार) प्रतिपदा को है। शास्त्रों के मुताबिक, नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना कर विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। इससे देवी पूजन मंगलकारी और फलदायक होता है। सनातन धर्म को मानने वाले लोग दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे हों, नवरात्रि के व्रत और त्योहार को पूरे मन से मनाते हैं।

मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद लेने की अगर कामना करते हैं तो आपको कुछ बातें विशेष तौर पर अपनानी होंगी। जिसमें सबसे पहले हैं शुभ मुहूर्त में पूजा करना। नवरात्र में लोग अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं। ये कलश शुभ मुहूर्त में स्थापित करने से आपके जीवन में आने वाली परेशानियां खत्म हो जाती हैं।

Navratri 2020 : कलश स्थापना और पूजा का समय 

हिन्दू धर्म में बिना शुभ मुहुर्त के कोई व्रत, त्यौहार या उत्सव नहीं मनाया जाता। कुछ ऐसे ही नवरात्रि का शुभारंभ जिसमें घट स्थापना करना सबसे प्रमुख है के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि कलश की स्थापना अगर सही समय पर नहीं होती तो ये अनुकूल फल प्रदान नहीं करता।

Ashwina Navaratri Begins on Saturday, October 17, 2020

Pratipada Tithi Begins – 01:00 AM on Oct 17, 2020

Pratipada Tithi Ends – 09:08 PM on Oct 17, 2020

घट स्थापना | Ghat Establishment

इस वर्ष 2020 को शारदीय नवरात्रों का आरंभ 17 अक्टूबर , आश्चिन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारम्भ होगा. दुर्गा पूजा का आरंभ घट स्थापना से शुरू हो जाता है. घट स्थापना मुहूर्त का समय शनिवार, अक्टूबर 17, 2020 को प्रात:काल 06:27 से 10:13 तक है. घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त प्रात:काल 11:44 से 12:29 तक रहेगा.

हिन्दू धर्म ग्रंथों में कलश की स्थापना को इसलिए भी महत्वपूर्ण कहा गया है क्योंकि यह कलश खुशहाली और समृद्धि के साथ-साथ धन-वैभव का भी प्रतीक है। कलश के मुख पर भगवान विष्णु, कंठ में महादेव और मूल में ब्रह्मा जी का वास माना गया है, साथ ही यह भी माना जाता है कि कलश के मध्य में देवियां विराज करती हैं। इसलिए इस कलश की स्थापना के लिए सभी जरूरी विधि-विधान को पूरा करना आवश्यक है।

अगले पेज पर पढ़िए नवरात्रि में माता के 9 रूप, 9 भोग और 9 रंग… 

पिछला पेज 1 of 3

SHARE

हिन्दू धर्म, ज्योतिष एवं स्वास्थ्य की लगातार अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें और ट्विटर पेज फॉलो करें!! और बने रहिये Omnamahashivaya.com के साथ!

Loading...
SHARE