आखिर क्या हैं ध्यान करने के तरीके एवं उनके लाभ!!

विचार करिये आप ध्यान करने से क्या-क्या प्राप्त कर सकते हैं?

ध्यान करने के लोगों के भिन्न-भिन्न कारण है जैसे कि-अपनी सृजनात्मकता को सुधारने के लिए, लक्ष्य् प्राप्त करने के लिए, आंतरिक आवाज़ों को शांत करने के लिए या आधियात्मिक संबंध स्थापित करने के लिए। कारण चाहे जो भी हो यदि आपका उद्देश्य केवल कुछ समय अपने शरीर में व्यतीत करना है या मन को शांत करना है तो चिंताओं से मुक्त होकर शरीर को स्वतंत्र विचरण करने दें और ध्यान की मुद्रा में विलीन हो जाएं।

meditation-chakras

ध्यान करने के कुछ आसान तरीके:-

1.) सर्वप्रथम ध्यान बाधित न करने वाला क्षेत्र:  यदि आपने ध्यान करना शुरू ही किया है तो सर्वपथम शांत वातावरण ढूंढे यदि आप अभ्यस्त भी है तो भी शांत जगह पर ही ध्यान करना चाहिए। प्राकृतिक जगह इसके लिए सर्वोत्तम है।

2.) ध्यान करने के लिए चटाई का उपयोग:  इसका प्रयोग इसलिए किया जाता है ताकि सरलता के साथ बैठा जा सके कमर किसी भी प्रकार के सहारे से मुक्त हो।

3.) आरामदायक वस्त्रों का चयन: ऐसे वस्त्रों का चयन करें जो  ढीले हो ताकि श्वशन क्रिया सरलता पूर्वक की जा सके।

o-MEDITATION-PRACTICE-facebook

अब सीधी अवस्था में बैठ जाइये कमर एकदम सीधी होनी चाहिए ताकि साँस पर ध्यान केंद्रित किया जा सके आराम की सीधी मुद्रा में बैठ कर दोनों हाथों को अपने घुटनों पर रख लीजिये आप दोनों हाथों को गोद में रख कर बुद्धा की स्थिति में बैठ जाएं। अब साँसों के छोड़ने एवं लेने पर ध्यान दे ये प्रक्रिया दोहराते रहे प्रारम्भ में ५ या ६ मिनट देना काफी होता है और इसको १ घंटे तक भी किया जा सकता है।

True-Happiness-InnerPeace-1

ध्यान के अन्य तरीके:-

ये केवल एक मात्र साधन नहीं है ध्यान करने का, आप एक पुष्प को यदि ध्यान से देखते हैं तो वो भी ध्यान का तरिका है। ॐ का उच्चारण करके भी ध्यान किया जा सकता है। १०० तक गिनती बोल कर एवं हर गिनती पर ध्यान रख कर भी ध्यान किया जा सकता है। 

संगीत (शास्त्रीय संगीत) के माध्यम से मष्तिष्क की तंत्रिकाओं को नियंत्रित करके भी ध्यान किया जा सकता है।

Free-Abundance-Meditation-download

आखिर क्या हैं ध्यान के लाभ:-

ध्यान करने से मष्तिष्क  तनाव एवं चिंताओं में कमी आती है। 

एकाग्रता में वृद्धि होती है। 

प्रतिरोधक क्षमता एवं मष्तिष्क की कार्यशीलता में वृद्धि होती है। 

विकारों (बुरे विचारों) से बाहर आने में सहायता मिलती है। 

अन्तः जाग्रति का विकास हो जाता है।  

योग करने से तुम्हारा ज्ञान बढ़ेगा, तुम्हारा बल बढ़ेगा, तुम्हारा सामर्थ्य बढ़ेगा, और तुम दुनिया के सबसे अधिक बलवान व्यक्ति भी होगे, सबसे अधिक धनवान व्यक्ति भी होगे, दुनिया के सबसे अधिक प्रसिद्द व्यक्ति भी होगे और सबसे अधिक सुखी व्यक्ति भी होगे और शान्त व्यक्ति होगे…….
12345

SHARE

हिन्दू धर्म, ज्योतिष एवं स्वास्थ्य की लगातार अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें और ट्विटर पेज फॉलो करें!! और बने रहिये ॐनमःशिवाय.कॉम के साथ!!

Loading...
SHARE